गम में हंसना सीखना हैं
गम में हंसना सीखना हैं
खुद के पास आना सीखना है
दुख में भी गुनगुनाना सीखना है।
आइये फिर से झांके जीवन अपना
मुश्किल जिंदगी बिताना सीखना है।
पतझड़ में उजड़ते हैं उपवन सदा
उजड़े बागबान को सजाना सीखना है।
जिंदगी भले ही भरी हो आंसुओं से
आंसू आँखों में छिपाना सीखना है।
खुद के लिये तो जिये हमेशा हम
औरों के लिये जीना सीखना है।
हमसे फायदा लेने वालों पे भरोसा किया
मतलबी लोगों को भुलाना सीखना है।
जिंदगी में मुश्किलें कब कम होती हैं
तकलीफों से भी निभाना सीखना है।
