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Saroj Garg

Inspirational

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Saroj Garg

Inspirational

गीत

गीत

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लाली बिंदी उसको साजे ,सुहाग रूप अपार।

कुमकुम काजल बिंदी चूड़ी,नारी का श्रृंगार ।।


सपन सलोने लेकर आती,प्रीतम के घर द्वार।

करती हैं न्योछावर सब कुछ,अपना सब कुछ हार। ।

सास-ससुर को अपना जाना,सेवा कर हर बार।

कुमकुम काजल बिंदी चूड़ी,नारी का श्रृंगार। ।


हाथों कंगन साजे जब भी,महक उठे संसार ।

ओढ़ चुनरिया लाज रखती,प्रीतम उसका प्यार।।

दोनों कुल की लाज बचाती,करती प्यार अपार।

कुमकुम काजल बिंदी चूड़ी,नारी का श्रृंगार। ।


समय पड़े पर दुर्गा बनती,रखती रूप अपार।

दुष्टों को है मजा चखाती,कर देती संहार। ।

इसीलिए नारी को समझो,दुर्गा का अवतार। 

कुमकुम काजल बिंदी चूड़ी,नारी का श्रृंगार। ।



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