STORYMIRROR

Rita Singh

Inspirational

4  

Rita Singh

Inspirational

आकाश

आकाश

1 min
175


जब भी

आकाश की ओर

देखती हूं

उसकी विशालता

मुझे

अपनी ओर खींचती है

जैसे 

वह कहना चाहती है

समा लो 

सारी खुशियां

अपने आंचल में तुम

मुठ्ठी में बंद पड़े

मेरी भावनाओं को

पंख देता आकाश

नजाने क्यों

मुझे

एक शक्ति का आभास

करा जाता है

जब भी

आकाश की ओर

देखती हूँ

अपने वजूद से रुबरु होती हूँ ।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational