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अजय कुमार द्विवेदी

Fantasy

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अजय कुमार द्विवेदी

Fantasy

गीत शीर्षक - पिया संग होरी।

गीत शीर्षक - पिया संग होरी।

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राम रंग होरी रे श्याम रंग होरी।

राधारमण बृजपाल रंग होरी। 

मगन मन खेलूं पिया संग होरी।


मगन मन खेलूं पिया संग होरी।


रूक्मिणी रंग होरी रे सीता रंग होरी। 

राधा रंग होरी रे मीरा रंग होरी। 

सूर रंग होरी कबीर रंग होरी। 

मगन मन खेलूं पिया संग होरी।


मगन मन खेलूं पिया संग होरी।


भर पिचकारी रे चढ़ के अटारी।

सईंया भीगोए मोरी नई-नई सारी।

भीगोए रे चंदा जैसे भीगे चकोरी। 

मगन मन खेलूं पिया संग होरी।


मगन मन खेलूं पिया संग होरी।


बरसाने की होरी रे गोकुल की होरी।

ग्वालों की होरी रे ग्वालन की होरी।

अवध नगर अवध वालों की होरी। 

मगन मन खेलूं पिया संग होरी।


मगन मन खेलूं पिया संग होरी।


तन मेरा भीगे बदन मेरा भीगे।

प्रेम के रंग में ये मन मेरा भीगे।

भीगे रे चुनरी मोरी भीगे रे चोली।

मगन मन खेलूं पिया संग होरी।


मगन मन खेलूं पिया संग होरी।


धरती रंग होरी रे अम्बर रंग होरी।

गंगा रंग होरी रे जमुना रंग होरी।

पार्वती मईंया शिव शंकर की होरी। 

मगन मन खेलूं पिया संग होरी।

मगन मन खेलूं पिया संग होरी।


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