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अजय कुमार द्विवेदी

Others

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अजय कुमार द्विवेदी

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मैं जी भर तुझको प्यार करुं

मैं जी भर तुझको प्यार करुं

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हो संसार भले बड़ा, अपना संसार निराला है।

दादी पोती का यह रिश्ता, जग में सबसे प्यारा है।

गोद में लेकर लाड़ लड़ाऊं, देखूँ तुझमें बचपन अपना। 

खुशी मिले आजीवन तुझको, पूरा हो तेरा हर सपना।

लेकर मेरा रुप दूसरा, तू इस जग में आई है।

बनकर खुशियां मेरे घर की, तू आंगन में छाईं है।

पहना पांव में पायल तेरे, तेरी नज़र उतारुं मैं।

लगाके अपनी छाती से, तुझको खूब सवारुं मैं।

तेरे साथ इकबार मुझे फिर, अपना बचपन जीना है।

दुनियां ने जो जख्म दियें, उन जख्मों को अब सीना है।

होती है जब दूर तू मुझसे, एकपल को डर जाती हूँ।

इकदिन छोड़के जायेगी तू, सोचके मैं घबराती हूँ।

मगर जो होना है वो होगा, क्यूं इस पल को बर्बाद करुं।

आजा मेरी गुड़िया रानी, मैं जी भर तुझको प्यार करुं।



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