STORYMIRROR

Neeraj pal

Romance

4  

Neeraj pal

Romance

ग़ज़ल।

ग़ज़ल।

1 min
571

चला जाता है कोई अपना, तो तड़प उठता है प्रेमी दिल ।

नहीं मिलता सुकून दिल को रो पड़ता यह घायल दिल।।


छाया है उदासी भरा लम्हा, जिधर देखूं तुमको ही पाऊं।

तुम्हारे जाने से सुनी हो गई ,मेरी ये भरी महफिल।।


निगाहें अब नहीं उठती किसी और के दीदार के खातिर।

तुम्हारी मिसरी भरी बातें, सुनने को बेचैन मेरा दिल।।


तुम्हारी यादों के सहारे ही, जीने की आ पड़ी नौबत।

हर खुशी तुमसे थी, दुखी बन पुकारता यह संगदिल।।


बिताये जो लम्हे हमने, याद कर संजोए हैं गीतों में।

सदा ही गुनगुनाते रहेंगे, सुनकर हर प्रेमी दिल।।


नजरे-करम अपनी रखना, कभी भी भूल मत जाना।

"नीरज" इंतजार है करता, तुम्हारे आने की हर पल।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance