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shubhangi arvikar

Abstract

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shubhangi arvikar

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ग़ौर करो तो

ग़ौर करो तो

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ग़ौर करो तो ज़रा

मेरी बातों पर

कि बेतुकी तुमसे

करूँगी नहीं।


शिद्दत से तुम्हें

माँगा है खुदा से

दुनियावालों से

डरूँगी नहीं।


तुम भी हार जाओगे

इस ज़िद के आगे

कि तेरे इंतज़ार में बुत बन

जाऊँगी, मरूँगी नहीं।


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