एकल जीवन एक संघर्ष ---!
एकल जीवन एक संघर्ष ---!
एकल जो जीवन यापन करते हैं, उनका क्या, कहना!
इस जीवन में, वो ही तो है ,सबसे बड़े योद्धा।
हर चुनौतियों को जो स्वीकार करते,
खुद ही खुद को हौसला दे,
स्वयं को मजबूत बनाते।
हर परिस्थिति का बेखौफ सामना कर,
एकल होकर भी बच्चों के लिए मां-बाप
दोनों वक्त -वक्त पर बनते।
पल-पल हुए अपमान को सहते,
लोग अभागे है उनको कहते।
तिरस्कार होता उनका अपने ही घर में,
कोई उम्मीद ना फिर बचती उनके मन में।
फिर भी निरंतर बढ़ते रहते,
उनके कदम जीवन में,
खुशी समझते अपनी,
हर गम वाले मातम में।
हम सबों की छोटी-छोटी कोशिश,
खिल-खिला देगी उनका अंतर्मन।
सम्मान करें हम सभी उनका,
बड़ी ही कठिन राह से गुजारते
हर एकल अपना जीवन।
समय आ गया है अब,
एकल के सम्मान का परचम,
फैला दे हम, हर गली हर शहर
और जन-जन में, हां जन-जन में
