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RAJ KUNWAR DUBEY

Romance

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RAJ KUNWAR DUBEY

Romance

एकांत

एकांत

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कोलाहल भरे संसार में कहीं एकान्त हो।

मैं रहूं, वो रहें चहुं ओर सब कुछ शांत हो।

साथ उनके बैठ कर बस अनकहा वृत्तांत हो।

कुछ हम कहें कुछ वो कहें और बात का न अंत हो।


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