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aabha Kapoor

Romance

3  

aabha Kapoor

Romance

एक तरफ़ा एहसास

एक तरफ़ा एहसास

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मैं यह जानती हूं की तुम्हारे दिल में मैं नहीं रहती,

इसलिए अब मैं तुमसे कुछ नहीं कहती I

फिर भी इक झूठी आशा है दिल के किसी कोने में,

कि तुम्हारा जीवन भी खास हो आभा के होने में I

जीवन का यह कटाक्ष समझ नहीं पाती ,

तुम पर अपना अधिकार जताने का हक खो चुकी,

पर तुम्हारी फिक्र करना क्यों छोड़ नहीं पाती I

अब ना तो तुम्हें पाना है,                 

ना ही मन से निकालना है ,

बस तुमसे दूर रहकर उन खूबसूरत लम्हों को  

याद कर बचे हुए जीवन को बिताना हैI

जब भी तुमसे मुलाकात का मन होगा ,      

उन पन्नों को पलट लिया करूंगी         

और यादों के झरोखे से                

तुम्हें नजर भर देख लिया करूंगी I

पर एक गुजारिश है तुमसे,              

अब मुझ पर और सितम ना करो.         

कि तुम्हें देखने की हसरत भी.            

दिल से गायब हो जाएI


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