STORYMIRROR

Yashvi bali

Classics Inspirational Others

4  

Yashvi bali

Classics Inspirational Others

एक सफ़र …माँ से माँ तक

एक सफ़र …माँ से माँ तक

2 mins
0

एक सफ़र 

माँ से माँ तक

ये ज़िन्दगी एक सफ़र है 

रास्ते अनजाने से है 

जब चलते है इन पे 

तो …

लगते पहचाने से हैं 

ये ज़िन्दगी एक सफ़र ….

चले थे हम बड़ी मस्ती में 

साथ थे हमारे अपने 

जो बन के चले थे छतरी से 

ना बारिश ने छुआ 

ना धूप की गर्मी ने 

वो गोद थी माँ की 

सिर पे बाप की हस्ती थी 

ये ज़िन्दगी एक सफ़र …

ये दुनिया है 

बनाने वाले ने बड़ी करामात की 

बेटी का रिश्ता माँ से बड़ा प्यारा था 

शायद इसीलिए 

बेटियाँ  वरदान दे के @यशवी 

उस प्रभु ने भी उपहार स्वरूप 

यूँ मेरी ज़िन्दगी को सँवारा था 

ये ज़िन्दगी एक सफ़र …

आसान नहीं है इस जीवन में 

माँ का किरदार निभा जाना 

हर पल हर लम्हा 

जीना मरना होता है 

जन्म देती है जब संतान को 

अपने जिस्म का हिस्सा खोती है 

जब रात दिन परवरिश कर 

उसे बड़ा कर देती है 

तब आ के …हक़दार उसे ले जाते हैं 

हाँ अपना सब ख़त्म कर के 

फिर एक माँ …उस माँ को 

जिस ने उसे नाम दिया था 

याद कर के अपना सब न्योछावर कर 

माँ से माँ तक सफ़र दोहराती है 

ये ज़िन्दगी बस एक सफ़र …

ख़ुशी मिली या ग़म मिला 

कभी नहीं जान पाती है 

समझ ना पायी मैं @यशवी 

अपने ही किरदार को 

एक अच्छी माँ थी या नहीं 

बस इसी प्रश्न चिह्न से 

इस दुनिया से जाती हूँ 

आसान नहीं है जीना

 @यशवी यहाँ

किरदार निभाना होता है 

एक माँ से एक माँ तक का सफ़र 

दोहराना होता है …कर्म करना था कर्म करती चली जाती है 


।#@ यशवी


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics