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ABHINAV TIWARI

Romance

3  

ABHINAV TIWARI

Romance

एक शाम.

एक शाम.

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इक शाम किनारे पर, यूँ हम दोनों मिल जाएं

मैं तुझमे फ़ना, और तू मुझमे खो जाए

इस तन्हाई में फ़िर, एक शोर सा हो जाए

इस निशा की फिर, एक भोर भी हो जाए

मेरे मंज़िल की दिशा, तेरी ओर ही हो जाए

इन पंक्तियों पर तेरी, इक गौर ही हो जाए

इक शाम किनारे पर, यूँ हम दोनों मिल जाएं

मैं तुझमे फ़ना, और तू मुझमे खो जाए।


                                 


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