गर्व है
गर्व है
है गर्व हमे इस मिट्टी पर,
इस गौरव का अभिमान भी है।
है नाज़ हमे इस भूमि पर,
इसपर न्योच्छऻवित प्राण भी है।
ये नये भारत के संकल्प तले,
विश्वगुरु की पहचान भी है।
ये महापुरुषों के लहू को लिये,
देशभक्ति की मिसाल भी है।
ये महा विविधता का मेल लिये,
परम एकता की नीव भी है।
ये वसुधैवकुटुंबकम का आधार लिये,
हर भारतीय का प्रीत भी है।
है गर्व हमें इस मिट्टी पर,
इस गौरव का अभिमान भी है।
