STORYMIRROR

Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

4  

Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

"एक ओर कोशिश"

"एक ओर कोशिश"

1 min
7


कर ले,तू जीतने की एक ओर कोशिश

क्या पता अगला कदम पहुंचा दे,मंजिल

कर ले,तू नर एकबार ओर कर्म निर्भीक

क्या पता अगली कोशिश से मिले,जीत

हाथ पर हाथ धरे बैठने से तो अच्छा है

कर ले,एकबार ओर जीतने की उम्मीद

तू परिश्रम कर,असफलता से नही डर

हार से ही मिलती है,जीतने की सीख

गर पानी है,तुझको सफलता की जमीन

भूल जा भूख,प्यास ओर रातों की नींद

कर्म करता रह,होगा विजय तू एकदिन

यह कोशिश ही,रातों को बनाती दिन

कर ले तू जीतने की एक ओर कोशिश

क्या पता ये कोशिश,हल कर दे,मुश्किल

जिसके ख्वाब भी करते,जीत की कोशिश

झुकते नही,कभी हार के आगे उसके,शीश

आज न तो कल,कोशिशें होती न विफल

नित प्रयास से बदलता भाग्य भी एकदिन

जो लोग कोशिश करते रहते है,प्रतिदिन

वो पत्थरों पर रस्सी से निशां करते,एकदिन

कर ले,तू जीतने की एक ओर कोशिश

क्या पता अगला कदम पहुंचा दे,मंजिल।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational