Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

SANDIP SINGH

Inspirational

4  

SANDIP SINGH

Inspirational

एक मास में दो ग्रहण

एक मास में दो ग्रहण

1 min
326


एक मास में दो ग्रहण,देखो अद्भुत खेल।

कैसा आया है समय, इधर उधर में मेल।।


एक मास में दो ग्रहण, लोगों में है त्रास।

फिर से खगोल में हुआ,शुभ फल का सम ह्रास।।


एक मास में दो ग्रहण, कैसा यह है रंग।

फिर भी खुश हम सब रहें,बाधा को कर भंग।।


एक मास में दो ग्रहण,नवल हुआ यह बात।

बढ़ा सोच का दायरा, कर दूं दिन को रात।।


एक मास में दो ग्रहण, निकले मुख से वाह।

बहु रंगी यह खेल है,दृढ़ हो अब हर चाह।।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational