STORYMIRROR

SIJI GOPAL

Abstract

3  

SIJI GOPAL

Abstract

एक अनकहे रिश्ते की मिठास

एक अनकहे रिश्ते की मिठास

1 min
321

एक अनकहे रिश्ते की मिठास

एक अनसुलझी पहेली का रास

एक अनमोल चाहत का एहसास

एक अनचाहे सवाल का उल्लास


एक अनछुए अरमान का प्रयास

एक अनजाने पहलु का परिहास

एक अनदेखे चेहरा का आवास

एक अनसुने दस्तूर का इतिहास


एक अनजाने ख्वाब का उपन्यास

एक अनोखे नज़्म का विश्वास

एक अनपढ़ संवाद का संन्यास

एक अनहोनी दास्तान का अभ्यास


एक अनबन सांस का वास

एक अनागत‌ समय का आभास

एक अनन्त प्रेम की प्यास

एक अनन्य मिलन की आस।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract