ए हवा सुन
ए हवा सुन
ए हवा सुन..!! जो गुज़रे तू उसकी गली से तो
तू मिल आना उसे, उसके दिल का हाल सारा सुनना
और दिल का एक पैगाम उसे दे देना,
कहना की कर रही हूँ इंतज़ार
तुम काम ज़रा जल्दी ख़त्म करके आना ।।
ए हवा सुन..!! जो गुज़रे तू उसकी गली से तो
तू उसे मिल आना, उसके दिल की सारी सुनना और
उसे एक पैग़ाम देना कहना उसे की तू न होना परेशान,
मैं रख रही हूँ ख्याल अपना , तू भी अपना ध्यान रखना ।।
ए हवा सुन..!! जो गुज़रे तू उसकी गली से तो
तू, उसे मिलना और सारे दिल के लफ्ज़ उसे सुना देना
जो यादों में उसकी इस दिल ने है पिरोया और
भर के उसे अपनी बाहों में प्यार का एहसास उसे देना ।।
ए हवा सुन..!! जो गुज़रे तू उसकी गली से तो
तू उसे मिलना और उसके सिर को हवा ठंडी से सहला देना,
सुकूँ से उसे भर देना, थोड़ा समय के लिए उसे आराम दे देना ।।
ए हवा सुन..!! जो गुज़रे तू उसकी गली से तो
तू उसे मिलना और उसके हंसते मुस्कुराते चेहरे की
नज़र उतार लेना, उसे प्यार खूब देना और उसे दिल का
एक पैग़ाम देना कहना की हर पल तुझसे प्यार हो रहा है
थोड़ा ज्यादा ज्यादा और याद कर रही हूँ तुझे बहुत ज्यादा ।।

