दूरियाँ
दूरियाँ
अनजान रहने में होती है जो कशिश, पहचान उसे मिटा देती है.....
दूरियों में होती है जो, खूबसूरती, नज़दीकियां उसे हटा देती हैं....
धुन्ध में डूबे नज़ारे,
आसमान में सजे सितारे,
क्षितिज पर मिलते,
धरती और आकाश के किनारे....
खूबसूरत हैं बहुत, तब तक,
जब तक हैं दूर.........बहुत दूर हमसे,
क्योंकि, नज़दीकियां, खूबसूरती मिटा देती हैं,
और दूरियाँ, भरम बनाये रखती हैं......
