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Jalpa lalani 'Zoya'

Romance Fantasy

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Jalpa lalani 'Zoya'

Romance Fantasy

दूर क्षितिज पर

दूर क्षितिज पर

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दूर क्षितिज पर अंबर धरा का 

मिलन सिर्फ एक आभास है


मिले हम तुम क्षितिज की तरह 

झूठा ही सही ख़याल अच्छा है


नीली चादर खोलकर चहुँओर 

सूरज भी रोशनी बिखेरता है


हमारे रिश्ते के अंधेरे को उम्मीद 

के दीपक से उजागर करते हैं।


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