Jalpa lalani 'Zoya'
Romance Fantasy
दूर क्षितिज पर अंबर धरा का
मिलन सिर्फ एक आभास है
मिले हम तुम क्षितिज की तरह
झूठा ही सही ख़याल अच्छा है
नीली चादर खोलकर चहुँओर
सूरज भी रोशनी बिखेरता है
हमारे रिश्ते के अंधेरे को उम्मीद
के दीपक से उजागर करते हैं।
किताब-ए-ज़िन्द...
राब्ता
तिश्नगी-ए-क़ुर...
दिलनशीं
चाहत तेरी
पास आओ कभी
ज़ुल्फ़ का साया
हमसा कहाँ मिल...
तू है गीत मेर...
नाउम्मीदी में...
तुम क्या जानो गम-ए-तनहाई भी हमसे जली है। तुम क्या जानो गम-ए-तनहाई भी हमसे जली है।
वो तो तन्हा…अकेला…चल रहा था मैं, तूने थामा तो, जी उठा था मैं। वो तो तन्हा…अकेला…चल रहा था मैं, तूने थामा तो, जी उठा था मैं।
आंखों के सामने वसंत का सौंदर्य रूपी मधुमास बीत रहा है। आंखों के सामने वसंत का सौंदर्य रूपी मधुमास बीत रहा है।
काश मेरा इश्क भी, अपना मुकाम पा जाता। काश मेरा इश्क भी, अपना मुकाम पा जाता।
लिखी थी कई कहानियां हमने मगर उन कहानियों में वो था ही नही. लिखी थी कई कहानियां हमने मगर उन कहानियों में वो था ही नही.
.. साथ रहेंगे जब तक है इस दुनिया में हम... .. साथ रहेंगे जब तक है इस दुनिया में हम...
मैं नदिया तुम सागर बन जाओ ना। मैं राही बनूं तुम मेरी मंजिल कहलाओ ना मैं नदिया तुम सागर बन जाओ ना। मैं राही बनूं तुम मेरी मंजिल कहलाओ ना
दोस्ती के इस मौसम का इस्तकबाल करें आओ हम तुम एक नया जहां तलाश करें। दोस्ती के इस मौसम का इस्तकबाल करें आओ हम तुम एक नया जहां तलाश करें।
जब दिल करेगा तब मचल उठेंगे, फिर गोल घूम एक दूसरे को पकड़ेंगे जब दिल करेगा तब मचल उठेंगे, फिर गोल घूम एक दूसरे को पकड़ेंगे
वो दीवाना मेरा,मेरे लिए दुनिया से लड़ता रहा…. वो दीवाना मेरा,मेरे लिए दुनिया से लड़ता रहा….
अब मैं वहा नहीं देखती जहा पर तुम्हारे एहसास अब भी कायम है। अब मैं वहा नहीं देखती जहा पर तुम्हारे एहसास अब भी कायम है।
तू मिलेगा एक दिन मुझे ये आस लगा रखी है मैने दिल में आज भी तेरी तस्वीर सजा रखी है। तू मिलेगा एक दिन मुझे ये आस लगा रखी है मैने दिल में आज भी तेरी तस्वीर सजा रखी...
क्यों इतना तुम सताने लगे हो मुझे लगता कहीं के कोतवाल हो गए हो क्यों इतना तुम सताने लगे हो मुझे लगता कहीं के कोतवाल हो गए हो
ना खबर थी ना एहसास कि पहली पहल ही तुझसे इतनी मोहब्बत हो जायेगी। ना खबर थी ना एहसास कि पहली पहल ही तुझसे इतनी मोहब्बत हो जायेगी।
दिमाग में उसका ही नशा छाया रहता यार, ऐसा अनोखा सा था मेरा पहला प्यार दिमाग में उसका ही नशा छाया रहता यार, ऐसा अनोखा सा था मेरा पहला प्यार
सुनो ना किस कदर इश्क है तुमसे ये तुम्हे समझा नही सकते हम। सुनो ना किस कदर इश्क है तुमसे ये तुम्हे समझा नही सकते हम।
जाने तू और जानूं मैं यह सच्चाई मैं 'हूं' ,और ख़ूबसूरत यह पल मेरा। जाने तू और जानूं मैं यह सच्चाई मैं 'हूं' ,और ख़ूबसूरत यह पल मेरा।
मुहब्बत करने वाले जब पैगाम लिखते हैं। मुहब्बत करने वाले जब पैगाम लिखते हैं।
मेरे इश्क़ की रवानी, सुनो मेरी ज़ुबानी, मेरा दिल है उन्हीं में... मेरे इश्क़ की रवानी, सुनो मेरी ज़ुबानी, मेरा दिल है उन्हीं में...
उदास मन हो तो जहाँ वीरान लगता है, हर कोई जाना-पहचाना भी अनजान लगता है। उदास मन हो तो जहाँ वीरान लगता है, हर कोई जाना-पहचाना भी अनजान लगता है।