Anjali Suyal
Drama
उम्मीद करती हूँ कि तू ठीक होगा
ना जाने फिर कब तुमसे मिलना होगा
देर ही सही मगर मिलन जरूर होगा
तब तक दुआ करती हूँ, तू सही सलामत
अपने घर पर होगा
महामारी
आत्मानुशासन
लङकी
दुआ
कहानी
इश्क़
हाँ मैं बेवकू...
इस कदर तन्हा हूँ कि अपनी बातें खुद को ही बताता रहता हूँ। इस कदर तन्हा हूँ कि अपनी बातें खुद को ही बताता रहता हूँ।
महागौरी, महालक्ष्मिनी, ॐ नमः नारायणी, नमत्स्ये नारायणी, नमो नमो नारायणी । महागौरी, महालक्ष्मिनी, ॐ नमः नारायणी, नमत्स्ये नारायणी, नमो नमो नारायणी ।
आस्था की शक्ति से पाप जायेंगे धुल। सौभाग्य के बंद द्वार भी जायेंगे खुल। आस्था की शक्ति से पाप जायेंगे धुल। सौभाग्य के बंद द्वार भी जायेंगे खुल।
भाई बड़े बड़े व्यापार आ गये सबके अपने अपने॥ भाई बड़े बड़े व्यापार आ गये सबके अपने अपने॥
बेईमान खुद से रहा ईमानदारी लोगों के हिस्से रही, बेईमान खुद से रहा ईमानदारी लोगों के हिस्से रही,
अक्सर शादी के मायने को शर्मिंदा करते हैं। अक्सर शादी के मायने को शर्मिंदा करते हैं।
मुहब्बत झूठ से होने लगी अब तो सच्चे आदमी से दूर हूँ मैं ! बहुत उकता गया हूँ ज़िन्दगी से 'लकी' अब ... मुहब्बत झूठ से होने लगी अब तो सच्चे आदमी से दूर हूँ मैं ! बहुत उकता गया हूँ ज़...
आज जो तुम्हारा नहीं है, कल वो किसी और का भी नहीं था... आज जो तुम्हारा नहीं है, कल वो किसी और का भी नहीं था...
दिल के अरमानों का, खून किया है फिर एक बार । दिल के अरमानों का, खून किया है फिर एक बार ।
मोहब्बत, इश्क कह कर फिर दगा वे देते हैं। मोहब्बत, इश्क कह कर फिर दगा वे देते हैं।
आज खीर बनाकर, उन्हें भोग लगाते है जो इस सृष्टि के पालनहार कहलाते है आज खीर बनाकर, उन्हें भोग लगाते है जो इस सृष्टि के पालनहार कहलाते है
सबसे प्रेम से रहो, प्रेम जिंदगी बही सुबह निकल गई, बस रात रह गई सबसे प्रेम से रहो, प्रेम जिंदगी बही सुबह निकल गई, बस रात रह गई
फिर संक्रांत उतार कर, शुभ काम करने के इशारे हो गए। फिर संक्रांत उतार कर, शुभ काम करने के इशारे हो गए।
यह कैसा है मिलन और कैसी जुदाई यह कैसा है मिलन और कैसी जुदाई
अपनी सखी सहेलियों के संग बिंदी लिपस्टिक लगाकर संवरना सजना। अपनी सखी सहेलियों के संग बिंदी लिपस्टिक लगाकर संवरना सजना।
यह जिंदगी तो है, बहुत बड़ा समर सब्र से बड़ा नहीं कोई शस्त्र सुंदर यह जिंदगी तो है, बहुत बड़ा समर सब्र से बड़ा नहीं कोई शस्त्र सुंदर
आज गांवों में प्रातः जल्दी जाते है। स्थान विशेष से पीली मिट्टी लाते है।। आज गांवों में प्रातः जल्दी जाते है। स्थान विशेष से पीली मिट्टी लाते है।।
ताश के घर-सा बारंबार बसाते-नेस्तनाबूद करते दिखते हैं... ताश के घर-सा बारंबार बसाते-नेस्तनाबूद करते दिखते हैं...
थोड़ा है, थोड़े की जरूरत है, साखी सोच ज्यादा के चक्कर मे हुई, बहुतों की मौत थोड़ा है, थोड़े की जरूरत है, साखी सोच ज्यादा के चक्कर मे हुई, बहुतों की मौत
उसके लिये सर्दी, गर्मी, वर्षा सब ही एकसार है।। उसके लिये सर्दी, गर्मी, वर्षा सब ही एकसार है।।