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सोनी गुप्ता

Abstract Inspirational

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सोनी गुप्ता

Abstract Inspirational

दोस्ती

दोस्ती

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दोस्तों संग दिन बीते हैं हंसते गाते, 

चाय की चुस्की संग दिल बहलाते, 

आज भी वो हर लम्हे याद आते हैं, 

जब दोस्तों संग बीते दिन रंग जमाते, 


जैसे गरम चाय में बिस्किट घुलता है , 

वैसे ही दोस्ती का विश्वास पनपता है, 

जब बैठते यार चाय की चुस्कियों संग, 

अनकही सभी बातों का दौर चलता है, 


जब दोस्तों के संग महफिल जमती है, 

जिंदगी में एक अलग ही रफ्तार बनती है, 

हंसी ठहाकों से महफिल अपनी सज जाती, 

चाय की चुस्कियां जब साथ हमारे चलती है, 


किताब के हर पन्नों पर है दोस्तों की यादें, 

कितनी भी हो मुश्किल हमेशा साथ निभाते, 

चाहे कितनी भी हो दिल के अंदर तकलीफ़, 

कह देते सब अपने दोस्तों से कुछ ना छिपाते, 


जिंदगी की हर उलझनों में हमें समझते हैं, 

चाहे वक्त और हालात कितने भी बदल जाए, 

पर ये दोस्त किसी भी हालत में नहीं बदलते हैं, 

जिंदगी के हर सफर में सच्ची दोस्ती निभाते हैं, 


चाय और बिस्किट सी है ये दोस्ती हमारी, 

न इसमें कोई बंधन न ही कोई चार दीवारी, 

दोस्तों संग बीते हर लम्हें आज याद आते हैं, 

ये दोस्ती हमेशा हमारी यादों संग रहते हैं !


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