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Govind Narayan Sharma

Romance

4  

Govind Narayan Sharma

Romance

दोहरा चरित्र

दोहरा चरित्र

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दिल में उतर कर दिल को तोड़ना हम भी सीखेंगे !

गुड़ में जहर मिला कर किसी की जान लेना हम भी सीखेंगे !!१!!


कहना कुछ करना कुछ बेखूबी हम भी सीखेंगे ! 

झूंठ को सो बार बोलकर सच बनाना हम भी सीखेंगे !!२!!


मीठा बोल कर अपना बनना फिर घात लगाना हम भी सीखेंगे ! 

 लगाकर आग किसी के घर मे ,बुझाने को पानी लेकर जाना हम भी सीखेंगे !!३!! 


दोस्त बनकर साथ रहना, मुखबरी करना हम भी सीखेंगे ! 

देकर घाव मरहम पट्टी करने का हुनर हम भी खूब सीखेंगे !!४!!


होंठों पर नाम तेरा दिल मे किसी और को बसाना हम भी सीखेंगे ! 

बनावटी हंसी हँस कर अपना बनाना हम भी सीखेंगे !!५!!


हँसा कर रुलाने का खेल हम भी खूबखेलना हम भी सीखेंगे !!

पूंछ कर आंसू हमदर्दी जताने का नाटक हम भी सीखेंगे !!६!! 


 मुँह मियां मिठू बनना पीठ पीछे छुरा घोपना हम भी सीखेंगे ! 

कांटो में फूलों की तरह खिलकर *महकना* हम भी सीखेंगे !!७!!


खरबूजे को देखकर खरबूजे की तरह रंग बदलना हम भी सीखेंगे ! 

गिरगिट की तरह रंग बदलना,चोला बदलकर धोखा देना हम भी सीखेंगे !!८!! 


करके पलकों में बंद दिल को बेकरार करना हम भी सीखेंगे! 

जो अकेले हैं जहां में उनको *अपना बनाने की अदा* हम भी सीखेंगे !! ९!!


हवाओ में तेरे बदन की महक हैं, ऐसा जहर घोलना हम भी सीखेंगे ! 

बिखेर कर दाना भोली *मछली* को कांटो में फ़साना हम भी

 सीखेंगे !!१०!!


मिलकर हल्दी में चूने की तरह सुर्ख लाल होना हम भी सीखते है ! 

जड़ो को सींचकर चमन में गुलशन खिलाना हम भी सीखते है !!११!!


 नजरो ही नजरो में बिन खंजर कत्ल करना हम भी सीखते है ! 

छिपकर आस्तीन में डसने का करिश्मा हम भी सीखते है !!१२!!


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