STORYMIRROR

Sai Mahapatra

Romance

3  

Sai Mahapatra

Romance

दो गज की दूरी

दो गज की दूरी

1 min
218

आज तुम भी यहां हो हम भी यहां हैं ,पर

आज हम दोनों के बीच दो गज की दूरी है

इए मानो जैसे वक्त की मजबूरी है

आज हम साथ होकर भी साथ नहीं है

आस पास तो है लेकिन तुम्हारे हाथ में मेरा हाथ नहीं है

इए बस कुछ दिनों की बात है

लेकिन एक दिन इए भी गुज़र जाएगा और

बहत जल्द हमारे वो पुराने दिन फ़िर से लौट आएँगे

उस दिन ना हम दोनों के बीच इए दो गज की दूरी 

ना होगा ऐसी कोई मजबूरी

उस दिन तुम्हारे हाथ में हाथ होगा और पूरा कायनात हमारे साथ होगा

हम दोनों मिलकर गाएंगे प्यार का गाना

जिस गाने में तुम होगी रानी और में हूंगा

तुम्हारा राजा और जिसे सुनेगा इए सारा जमाना!



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance