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कवि कुलदीप प्रकाश शर्मा "दीपक"

Abstract Romance Classics

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कवि कुलदीप प्रकाश शर्मा "दीपक"

Abstract Romance Classics

दिल तोड़ना नहीं आया

दिल तोड़ना नहीं आया

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जो सही रास्ता है उसी पर चला हूँ,

कभी रास्ता मोड़ना नहीं आया।


अगर वो चाहते हैं दिल से हमको,

तो कभी उनका दिल तोड़ना नहीं आया।।


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