STORYMIRROR

कवि कुलदीप प्रकाश शर्मा "दीपक"

Abstract

2  

कवि कुलदीप प्रकाश शर्मा "दीपक"

Abstract

प्यारी माँ पर चार पंक्तियाँ

प्यारी माँ पर चार पंक्तियाँ

1 min
89

जन्नत की सीढ़ी चढ़ने से पहले,

उस "प्यारी माँ" की गोदी चढ़ा हूँ मैं।

उनके लिए तो आज भी बेटा हूँ,

वो बात अलग है, घर में सबसे बड़ा हूँ मैं।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract