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कवि कुलदीप प्रकाश शर्मा "दीपक"

Abstract Tragedy Thriller

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कवि कुलदीप प्रकाश शर्मा "दीपक"

Abstract Tragedy Thriller

धोखा किसने दिया..🗣

धोखा किसने दिया..🗣

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धोखे का सिलसिला किसने शुरु किया होगा।

किसने पहले किसका दिल तोड़ दिया होगा।।


जो चली आ रही ये रीति अब तक मिटी नहीं।

रिश्तों में सन्देहों की दिवार कभी टिकी नहीं।।


कभी हमारा इल्जाम उनपर,उनका इल्जाम हमपर।

यही टूटे दिल का कसूर रहता है, अपने हमदम पर।।


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