STORYMIRROR

SHREYANSH KUMAR

Drama Romance Tragedy

4  

SHREYANSH KUMAR

Drama Romance Tragedy

दिल की बात लिख दो

दिल की बात लिख दो

1 min
262

दिल की बात लिख दो 

या कुछ अधूरे अल्फजा लिख दो

टूटे हैं अंदर तेरे मंजर सारे,

उन्हीं की ही या तो फरियाद लिखो दो

दिल की बात लिख दो।


लफ्जों से अधूरे अल्फाज लिख दो,

टूटे हैं अंदर तेरे जो सब्र के बांध लिख दो

किसी की खातिर आंसुओं के अल्फाज लिख दो।

तेरा खामोश रहना किसी से कुछ न कहना

तुम उन्हीं खामोशी के अल्फाज लिख दो

दिल की बात ही लिख दो।


कुछ अधूरे अल्फाज लिख दो, चाहे तो भूल जाना तुम मुझे

मेरी चाहत के कुछ तो अल्फाज लिख दो।

तेरा अंदर ही अंदर टूट जाना,

टूटे दर्दों के अल्फाज लिख दो।


मायूसी के बादल लिख दो,

आंसुओं की बरसात लिख दो।

" ऐ छोड़कर जाने वाले, मेरे दर्दो के

कुछ तो अल्फ़ाज़ लिख दो "

दिल की बात लिख दो या कुछ अधूरे अल्फाज लिख दो।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama