STORYMIRROR

Priyanka Singh

Classics

3  

Priyanka Singh

Classics

दीवाली की खरीददारी

दीवाली की खरीददारी

1 min
246

दीवाली का मौका है,

जमकर खरीदारी करूँगी

सोच सहेली साथ निकल

पड़ी बाजार को,


क्या क्या खरीदेगी,

पूछा मेरी सहेली ने

मैं बोली !  लाईट, झालर, चॉकलेट,

देख देख मन ललचाये हाय,


लेकिन सादे दीये और गरीब का,

स्वादिष्ट सादी मिठाई का

रिश्ता भी मुझको याद आये,

तो सादे सरल दीये,

मोमबत्ती, कपड़े,


मिठाई और पटाखे ही लूँगी

और दौडा़ई चारों तरफ नजर

ये भी ले लूँ वो भी ले लूँ 

पर दाम देख देख।


बजट घर का

गड़बड़ाये राम, 

अपने दीये सबसे प्यारे,

ऱंगोली से घर सजाऊँगी

एक कुरती, थोड़ी मिठाई

और फुलझड़ी लेकर 


इको फ्रेन्डली

दिवाली मनाऊँगी

क्या सोचा था क्या लेकर आई,

गरीब की दुआ 

और थोड़ी खुशी दे

ढेर सारी खुशियाँ।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics