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Phool Singh

Classics

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Phool Singh

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दीपोत्सव की शुभकामनाएं

दीपोत्सव की शुभकामनाएं

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समुंद्र मंथन से जन्मी लक्ष्मी, पति रूप में विष्णु पाएं 

कायनात सारी झूम उठी थी, देव-दानव सब दीप जलाए।


राजा बलि को वामन जीते, वामन, दीपावली का राजा बलि बनाए 

3 दिनों तक उनका राज है, गीत-भजन, लक्ष्मी-नारायण के हर जन गाए।।


लंका जीत श्री राम जी आए, अयोध्यावासी खुशी मनाए

दीपों से सजी इंद्रावती भी, पांडव, वर्षो बाद घर लौटकर आए ।


वध कर नरकासुर का, कृष्ण, बंदी राजा मुक्त कराए

बंदी रानियों को नाम देकर, उनका, सुहागिनो जैसा मान बढ़ाए।


करूर राक्षस आज प्रदूषण, ना बम-पटाखे ज्यादा जलाए 

स्वच्छता को थोड़ा ध्यान में रखकर, मिलजुल कर सब दीपावली मनाएं।।


दीपों का त्यौहार दीपावली, जो बंधुत्व भावना हर दिल जगाएं

आदान प्रदान कर दीप, मिठाइयां, सब, खुशी से अपना त्यौहार मनाए।।


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