दीपों से जगमग दीवाली
दीपों से जगमग दीवाली
हर शाम हर सुबह
अपनों के साथ होने का
जश्न हम मनाएंगे
कट जाएगी काली रातें
एक दिन हम जीत जाएंगे
जिंदगी किस मोड़ पर लाई है तू
तुझे ख़ुशियों की सौगात कहूं
या मजबूर की मजबूरी
वक्त खामोशी से
अपनी चाल चल कर
गुजर जाएगा यूं ही
जीत जाएंगे हम है विश्वास हमें भी
हे ईश्वर जुनून में थोड़ा और जुनून भर दो
सभी के दिलों में धैर्य का दरिया भर दो
कोई पार करे ना लक्ष्मण रेखा को
आओ आज सब मिलकर
दीपों से जगमग दीवाली कर दो।
