STORYMIRROR

anuradha nazeer

Drama

2  

anuradha nazeer

Drama

दीपक

दीपक

1 min
219

स्वभाव हो  तो दीपक की

तरह जो  बादशक के।


महल में भी उतनी ही

रोशनी देता है।


जितनी ही किसी

गरीब की झोपड़ी में।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama