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Mrs. Mangla Borkar

Tragedy Children

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Mrs. Mangla Borkar

Tragedy Children

दीपावली

दीपावली

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दीपों से महके संसार

फुलझड़ियों की हो झलकार

रंग-बिरंगा है आकाश

दीपों की जगमग से आज

हँसते चेहरे हर कहीं

दिखते है प्यारे-प्यारे से

दीवाली के इस शुभ दिन पर

दीपक लगते है प्यारे से 


सबके मन में है हँसी-ख़ुशी

बर्फी पेठे गुलाब जामुन पर

देखो सबकी नज़र गड़ी

बजते बम रोकेट अनार पटाखे।

दिखते है प्यारे-प्यारे से

दीवाली के इस शुभ-दिन पर

दीपक लगते है प्यारे से।


मन में ख़ुशी दमकती है

होंठों से दुआ निकलती है

इस प्यारे से त्यौहार में

आँखें ख़ुशी से झलकती है

आओ मिलकर अब हम बाटें

हँसी-ख़ुशी हर चेहरे में

दीवाली के इस शुभ-दिन पर

दीपक लगते है प्यारे से।


     


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