STORYMIRROR

कीर्ति वर्मा

Inspirational

4  

कीर्ति वर्मा

Inspirational

दीप जलायें

दीप जलायें

1 min
217


आओ हम सब दीप जलायें

अंतर तम को दूर भगायें

 आओ हम सब दीप जलायें,


जीवन की इस कठिन डगर में

 प्रकृति के इस महाकहर में

 विश्वासों की जोत जलायें,


आओ हम सब दीप जलायें।


घोर अंधेरा विश्व पर छाया

राहु से उजियारा हारा

करें जतन बाती सुलगायें,


आओ हम सब दीप जलायें।


दीप से दीप जलाएं मिलकर

महल अटारी झोपड़ी या घर

अवलंबों के हाथ बढ़ायें,

 

आओ हम सब दीप जलायें।


राम हमारी आस हैं

जन जन का विश्वास है

आओ पलक पांवड़े बिछायें

आओ मिलकर दीप जलायेँ।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational