STORYMIRROR

Dr Sangeeta Tomar

Inspirational

3  

Dr Sangeeta Tomar

Inspirational

अभिलाषाएं

अभिलाषाएं

1 min
254


मृगतृष्णा सी अभिलाषाएं 

कितनी है भोली ये आशाएं

करती मन में स्वतंत्र विचरण

यथार्थ को ना जाने वो

बंधन ना कोई माने वो

बस दूर कहीं ले जाती है

जहां सब संगी साथी है

सुख की आस दिलाती है

जीवन रस से है परिपूर्ण

भर देती जीवन में असीम उत्साह

हार को जीत में देती है बदल

हर स्वप्न सच करने का वचन देती है आशाएं

हर चट्टान तोड़ने का बल देती

हर समुद्र लांघने का हल देती

बादलों के बीच एक सुनहरी किरण 

जैसे आकाश को इंद्रधनुषी रंग देती



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational