STORYMIRROR

Dr Sangeeta Tomar

Inspirational

3  

Dr Sangeeta Tomar

Inspirational

ख़ुश हूं मैं

ख़ुश हूं मैं

1 min
255

रोज़  प्रण  करती

फिर उन्हें तोड़ती

खुद से झूठ बोलती

खुश हूं मैं


रोज़ तिरस्कृत होती 

फिर कतरा-कतरा समेटती 

खुद को जोड़ती 

खुश हूं मैं


रोज़ बेबसी पर रोती 

खारे आंसू पीती

फिर खुद को संभालती 

खुश हूं मैं


रोज़ दुनिया से लड़ती

फिर गरजती और बरसती 

खुद को जिंदगी से भरती

खुश हूं मैं



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational