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Anil Pandit

Abstract Drama Fantasy

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Anil Pandit

Abstract Drama Fantasy

धुंध का एक साया

धुंध का एक साया

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एक साया धुंध का

जहाँ ,कुछ ख्वाब ख्वाहिशें  और रास्ते,

धुंधले नजर  आते हैं

 

धुंध का एक साया,

एक साया धुंध का,

जहाँजब जब कदम बढ़ने लगते है

मंज़िल का पता और भी गहरा हो जाता है

 

धुंध का एक साया

एक साया धुंध का

जहाँइश्क के फ़ासले और मोहब्बत की दूरियां

बहुत दूर नजर  आती हैं,  इस धुंध में

मालूम नहींकौन इसे कब मिटाएगा

 

 

धुंध का एक साया

एक साया धुंध का

जहाँकुछ बेचैनियाँ  सबूत माँगती है

तुम्हारा दर्द तुम्हारा होनें का

इस धुंध के साए में उत्तर मिलेगा धुंध में लिपटा हुआ,

 

धुंध का एक साया

एक साया धुंध का

जहाँढूँढना चाहता है,

कोई खोए हुए इश्क़ के निशां

कोई खोजता हैअपनेपन की परिधि

 

धुंध का एक साया

एक साया धुंध का

सादगी के साथ लिखा जाता है कोई नाम

अदृश्य रेषा में और ठहर जाता है,

अनकहा  एहसास हमेशा के लिए

 

धुंध का एक साया

एक साया धुंध का

जहाँरिक्त हो जाते है,

कुछ लिखे अर्थपूर्ण भाव,

जिन्हें कोई जानता नहीं

चाहत की एक धुंधली किनार रह जाती है वहाँ

 

धुंध का एक साया

एक साया धुंध का

जहाँदर्द भरे सन्नाटे

आधेअधूरे किस्से इश्क के

वफा  का बहता दरिया

ये सारे के सारे सिमट जाते है

अपने अपने बनाए धुंध के दायरे में

 

धुंध का एक साया

एक साया धुंध का

 


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