STORYMIRROR

Kavita Chouhan

Classics Inspirational Others

4  

Kavita Chouhan

Classics Inspirational Others

धर्म विजयी

धर्म विजयी

1 min
2




अधर्म पर हुआ धर्म विजयी 

असत्य पर हुआ सत्य विजयी

अन्याय,अत्याचार दूर हटा

दुष्ट,अभिमानी का शीश कटा 


था जिसने कुमार्ग अपनाया 

उसने हार कर शीश कटाया 

रघुवीर  ने अवतार लिया 

दंभ अभिमानी का चूर  किया


था  दशानन परम अभिमानी 

कुमार्ग पर चलने की ठानी 

 जब अन्याय अत्याचार बढ़े 

कृष्ण नारायण रघुवीर खड़े 


हर युग  रूप बदलके आये 

विधाता ने  स्वरूप दिखलाये 

चेतावनी देकर  समझाया 

मूर्ख ने कुमार्ग अपनाया 


अनीति,अधर्म पथ चल आया

सत्य सदाचार को भरमाया 

अंधक बन यूँ काफूर हुआ 

पातकी धर्म से दूर हुआ 


सत्य धर्म की हुई थी हानी 

मर्यादा भूला  अभिमानी 

पर स्त्री पर थी दृष्टि लगाई

मलिन पातक दुनिया बनाई 


विधाता ने इक थाह लगाई 

थाम धनुष पहुँचे रघुराई

तिमिर चीरता प्रकाश हुआ

अधर्म,असत्य का विनाश हुआ


धरा का था तब उद्धार किया

सत्य,मर्यादा का विस्तार किया

दुष्ट दानव को यूँ संहारा 

प्रेम से सारा संसार सँवारा 


आओ आज प्रण कर जायें 

जगत को सुंदर  सा सजायें 

लोभ,लालच के रावण त्यागे

मन में मर्यादा,राम बसायें।।


✍"कविता चौहान"

     स्वरचित एवं मौलिक


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics