Dr.R.N.SHEELA KUMAR
Drama
न देना किसी को धोखा
न लेना किसी से धोखा।
सिर्फ प्यार ही देना है लेना है
वो ही लोक कल्याण का रास्ता।
किसी को धोखा दिए
मंजिल पर पहुँचना
हमारा कर्तव्य है।
स्त्री का अस्...
सृष्टी का प्र...
नव वसंत
शिक्षक दिवस
फौजीयों
हरियाली
जो मिला वो भग...
नसीब
सब कुछ भगवान ...
रह रह कर आईने में बूंदों की जगह झलक जाता है माँ रह रह कर आईने में बूंदों की जगह झलक जाता है माँ
लहरों के बीच अपनी कश्ती में किनारे से दूर बैठा हूँ...। लहरों के बीच अपनी कश्ती में किनारे से दूर बैठा हूँ...।
बादलों की तरह कल फिर आओगे शायद इस गलतफहमी में थे बादलों की तरह कल फिर आओगे शायद इस गलतफहमी में थे
मौज बनाते, होती, बचपन की सुंदर कितनी याद। मौज बनाते, होती, बचपन की सुंदर कितनी याद।
उस लम्हे में मैंने देखा है मौत को... बहुत करीब से जिया है उन लम्हों को तिल तिल कर के उस लम्हे में मैंने देखा है मौत को... बहुत करीब से जिया है उन लम्हों को ...
पर तू क्यों नहीं समझ रहा कि मेरी दिल की राह पर अब तू है। पर तू क्यों नहीं समझ रहा कि मेरी दिल की राह पर अब तू है।
चंडी बनो, काली बनो या फिर ज्वाला सब कुछ बदल कर रख दो। चंडी बनो, काली बनो या फिर ज्वाला सब कुछ बदल कर रख दो।
चलना-जाना अकेले हर पल, जग मेला निर्जन, बंजर, हर भाव से खाली है चलना-जाना अकेले हर पल, जग मेला निर्जन, बंजर, हर भाव से खाली है
उस शाम चाय की प्याली थामे मैंने एक गीत सुना, व्याकुल मन उस धुन को सुनकर थिरक उठा, उस शाम चाय की प्याली थामे मैंने एक गीत सुना, व्याकुल मन उस धुन को सुनकर थिरक ...
अंदर और बाहर एक जैसे ही चेहरे है, हमारे पर इंसानी फ़ितरतों से गर्दिश में है, अंदर और बाहर एक जैसे ही चेहरे है, हमारे पर इंसानी फ़ितरतों से गर्दिश में है,
इतनी बार मिले हैं हम-तुम कि मुलाक़ातें सब याद नहीं की हैं इतनी बातें हमने कि उनका इतनी बार मिले हैं हम-तुम कि मुलाक़ातें सब याद नहीं की हैं इतनी बातें हमने...
रंग बदलती दुनिया देखकर, गिरगिट भी नाराज है। रंग बदलती दुनिया देखकर, गिरगिट भी नाराज है।
तू हिम्मत न हार, मन छोटा ना कर, मन को अपने सुमेरु बना l तू हिम्मत न हार, मन छोटा ना कर, मन को अपने सुमेरु बना l
न अग्नि की तपन ये है न वायु का ये वेग है न अग्नि की तपन ये है न वायु का ये वेग है
जिन्हें शब्दों-वर्तनी-प्रोत्साहन से रचना-सार ने सींचा हो। जिन्हें शब्दों-वर्तनी-प्रोत्साहन से रचना-सार ने सींचा हो।
अतृप्त इच्छाओं का पागल बवंडर समझा है जिसे तुमने पास आकर देखो अतृप्त इच्छाओं का पागल बवंडर समझा है जिसे तुमने पास आकर देखो
ख्वाब देखना भी हिम्मत वालों का शौक है वह जो परछाइयों पीछा करके खुश है। ख्वाब देखना भी हिम्मत वालों का शौक है वह जो परछाइयों पीछा करके खुश है।
पीपल की एक एक शाख सा हर घर रहा इसी आस पर पीपल की एक एक शाख सा हर घर रहा इसी आस पर
एक जीत पाने के लिए, कई हार साथ होती है ! एक जीत पाने के लिए, कई हार साथ होती है !
देखो ना फिर एक दूजे से बेशुमार प्यार करने लगे हम। देखो ना फिर एक दूजे से बेशुमार प्यार करने लगे हम।