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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

देश पे क़ुर्बान

देश पे क़ुर्बान

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देश के लिये क़ुर्बान होना है

जन्म अपना होगा सोना है


देश ही मां, देश ही पिता है,

देश बिन क्या वजूद होना है


देश ही अपना स्वप्न सलोना है

देश के लिये क़ुर्बान होना है


देश पर मर मिटनेवाला,

दिल मे बनाता कोना है


तिरंगे के लिये, जान देना

होता ख़ुशनसीब खिलौना है


देश के लिये क़ुर्बान होना है

जिंदगी का सफ़ल होना है



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