STORYMIRROR

Alok Ranjan

Inspirational

3  

Alok Ranjan

Inspirational

देखो कितना अच्छा हूं

देखो कितना अच्छा हूं

1 min
193

तुम पागल हो झूठ नहीं बोलते हो,

मैं बोल लेता हूं देखो कितना अच्छा हूं।

सब-कुछ सही बोलकर तुमको मिलता क्या है,

जब सब बोलते ही हैं तो फिर भी तुमको क्या है।

सच को झूठ झूठ को सच बताकर जीते हैं लोग यहां,

तुम ढूंढते हो हर किसी में गांधी हरिश्चंद्र वो अब कहां।

सब सच सच ही हो नहीं होते कुछ कुछ मिला होता है,

सारे पर्दे सही जो सब-कुछ साफ ढक लें सिला होता है।

लेकिन उम्मीद की जा सकती हैं किताबों से दीवारों से।

अब तुम एक से जो भी करना आजमाइश नहीं हजारों से।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational