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Dinesh Dubey

Abstract

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Dinesh Dubey

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डॉक्टर

डॉक्टर

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आज के डॉक्टर बन गए है डाकू,

मरीज को देखते ही हो जाते हलाकु,

बता देते है टेस्ट इतने सारे जैसे हो,

दुनिया के सारे रोग उस इकलौते को।


पहले डॉक्टर नाड़ी पकड़ बता देते थे,

अब तो नाड़ी छूने की जरूरत ही नहीं,

उन्हे दिखता है है मरीज एक बकरा,

जो हलाल होने आया है उनके द्वारा।


मर्ज का उन्हे पता ना होता दवा देते हैं,

बाद में सभी रिपोर्ट निकलवा कहते हैं,

अरे ये तो मलेरिया का बुखार है,

ये लो पर्ची सामने की दुकान से दवा,

लेकर तुरंत आकर मुझे दिखाओ ।


दूसरी दुकान से ले न सके क्योंकि

वह दुकान भी उनकी अपनी ही है।

उसके बाद तो दो हफ्ते में मरीज से,

पता नही कितने रिपोर्ट निकलवा लेते हैं।


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