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Ajay Sharma

Romance


2.5  

Ajay Sharma

Romance


ढीठ

ढीठ

1 min 512 1 min 512

मेरे होने से अगर कोई गम है तुम्हें

तो कह दो ना

मैं ही चला जाता हूँ

क्या होगा ?


दो चार दिन रोऊंगा

या फिर ज़िन्दगी भर

पर जब कभी भी तेरी याद आएगी

तो हँस भी लूंगा। 


तेरे दिए उन हसीं लम्हों को

याद कर के

समझा लूंगा खुद को 

कि अब जरूरत नहीं उन्हें हमारी।


उन्हें कभी हमसे

मोहब्बत थी ही नहीं

कहा तो था उसने

पर हम ही कमबख्त

ढीठ बन बैठे।


जो खुद को तसल्ली दे कहते रहे

इंतज़ार रहेगा तुम्हारा।


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