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Sandip Kumar Singh

Inspirational

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Sandip Kumar Singh

Inspirational

दाता

दाता

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मुझे भी दो मेरा अधिकार,

मुझ पर अब कर दो उपकार।

कितना सुन्दर है यह संसार,

फिर मेरा मत करो बहिष्कार।


देने वाले दाता ही सर्वोपरी है,

दाता मुझको भी कर दो उपर।

कैसे केसों को दिया_ऐसे वैसों को दिया,

मुझ पर भी अब प्यार बरसा दो।


और अब कितना सहूं अन्याय,

न्याय की देवी अब तो दिल में बसा ले।

मुझे भी दो मेरा अधिकार,

यही है अब मेरा करुण चीत्कार।


हरेक बात की एक हद होती है,

अब और ना करें मुझे अधीर।

कब से मैं भी खड़ा पंक्ति में हूं,

अब तो दे दे खुशियों की समीर।



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