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Anita Koiri

Tragedy Classics

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Anita Koiri

Tragedy Classics

दादी मां प्यारी

दादी मां प्यारी

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मेरी प्यारी दादी मां

हम सबकी तुम दुसरी मां

क्या छिपाऊं मैं तुमसे मां

अच्छा था वो बचपन मां


सब रहते थे साथ में मां

अब जाने क्यों दूर हो गये हैं मां

तुम थी एक मजबूत जोड़ा

थी तुम हम सबका सहारा


अचार मिठाई चाकलेट का पिटारा

तुम्हारे साथ में मेला जाते

घर पर जलेबी और पकवान थे लाते

पूजा के नये नये कपड़े थे खरीदवाते

अच्छे दिन बीत गए


बीत दिन की यादों के साथ तुम भी साथ छोड़ गये

हम सबकी प्यारी दादी मां

बिछड़ गई तुम इतनी जल्दी क्यों ?


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