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Dr.Rashmi Khare"neer"

Drama

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Dr.Rashmi Khare"neer"

Drama

दादी की पोटली

दादी की पोटली

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पोटली में होती थी कई कहानियां

कई बार मुझे सुधारने के लिए भी

दादी मनगढ़ंत कहानियां बुनती थी

होती थी कई सीख की कहानियां।


मैंने सुना था उनसे हरदम

पुराने उनकी ही जीवन की कहानियां

बुंदेलखंड लहजे में बोलती थी

जीवन के हर पहलू को

सुना डालती थी बना कर कहानियां।


हर कहानियों में होता था दादाजी का जिक्र

उनके हीरो दादाजी हुआ करते थे

कहते कहते उनका शर्माना भी

उनके बिना अधूरी सी थी दादी कि दुनिया।


यही सीख थी हमारे लिए

परिवार के बिना अधूरा है

किसी का भी जीवन

मैंने भी सीखा उनसे कैसे

रहा जाता है परिवार के साथ।


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