चुनिए सही मार्ग
चुनिए सही मार्ग
ईश्वर को जैसा भी तुम मानो
निराकार हो या हो साकार
ऋषियों ने समझाया हमको
भक्ति मिटा सकती अहँकार
अहँकार देता है हमें कामना
कामना से आता क्रोध, लोभ
मोह, मद में हम होते हैं चूर
ईर्ष्या फिर लाती है विक्षोभ
अगर आप करते हैं कर्म
निर्धारित कर्म सत्कर्म है होता
कर्म का सिद्धांत सरल है
वैसा ही काटता जो जैसा बोता
निष्काम भाव से कर्म कीजिये
ज्ञान गीता ने दिया बिलकुल सीधा
फल पर ध्यान न करें केन्द्रित
जो सही मार्ग चलता वो ही जीता
मार्ग चुनाव अगर करना हो तो
भक्ति का चुनें या चुनें कर्म का
ज्ञान आपकी मदद करेगा पूरी
जानें इसे, साथ दीजिये धर्म का।
