STORYMIRROR

Madhu Vashishta

Action Classics Inspirational

4  

Madhu Vashishta

Action Classics Inspirational

चंद्रयान -3

चंद्रयान -3

1 min
227

 इतना हौसला तो जिगर में है,

जिंदगी में इस मुकाम पर अपने दम से है।

कोशिश बहुत की विदेशी आक्रांताओं ने हमको झुकाने की,

हम कुचले जाने पर भी फिर खड़े हो जाते हैं,


तूफान तो हमारा कुछ बिगाड़ नहीं पाते क्योंकि

हम घास के जैसे हैं जो गिरकर फिर फिर उठ जाते हैं।

हमारी ताकत का अंदाजा कोई क्या लगाएगा ?

खुद को उठाने को ऊंचा हमें नीचा बताएगा।


हम किसी की बात को मनसे कहां लगाते हैं।

अपनी सफलता की देखो संपूर्ण विश्व को एक झलकी दिखाते हैं।

सबकी नजर में हम चंदा को केवल मामा बताते हैं।

हैरान है दुनिया जब हम चंद्रयान-3 का सफल प्रक्षेपण कर जाते हैं।

विश्व गुरु था भारत हमारा विश्व गुरु ही बन के रहेगा।


फिलहाल तो हम चंद्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण के बाद

उसके सफलतापूर्वक चांद पर पहुंचने की कामना करते हुए

सब को शुभकामनाएं दे जाते हैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action