चलते रहना
चलते रहना
ज़िन्दगी चलने का नाम है,
रुकता इंसान सिर्फ एक बार है,
हम भी रुकेंगे कभी
अभी चल रहे हैं यूँ ही कहीं।
चलना चालाना ज़िन्दगी का बहाना,
रुकना नहीं बस चलते ही जाना,
थक कर अगर गिर गए भी तो क्या हो,
मौत को अपने समय से ही आना।
कुछ सीढ़ियाँ आगे बढ़ के निकल गए,
कुछ सीढ़िंयाँ पीछे छोड़ संभल गए,
नए लोगों से नए हाथ मिलाना,
उनकी प्रेरणा से और मुस्कुराना।
जिस दिन गिरेंगे बस गिरते चलेंगे,
लाख संभालो फिर ना संभलेंगे,
उस दिन के आने से कभी ना घबराना,
चलते रहना बस चलते ही जाना।
