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Rajdip dineshbhai

Abstract Inspirational Children

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Rajdip dineshbhai

Abstract Inspirational Children

चलो एक ख्वाब बनाए

चलो एक ख्वाब बनाए

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कंधों पर ख्वाबों की गठरी लांन्ध कर 

चलो एक ख्वाब बनाए 


नींद को तोड़कर थकान को जोड़कर 

चलो एक ख्वाब बनाए 


मेहनत कर आराम को छोड़कर 

चलो एक ख्वाब बनाए 


कहीं गिर फिर उठ कर 

चलो एक ख्वाब बनाए 


कुछ खुशियां छोड़ दर्द थोड़ा लेकर 

चलो एक ख्वाब बनाए


तुम्हारे ख्वाब मेरे ख्वाब की गठरी बांधकर 

चलो एक ख्वाब बनाए


अपनों से दूर रहकर, तन्हाई को अपनाकर 

चलो एक ख्वाब बनाए


कहीं मैं और तुम ख्वाब जोड़कर हम हो जाए 

चलो एक ख्वाब बनाए 


मेरी गली से गुजरो तो थोड़े ख्वाब ले आना 

मैं भी जोड़ दूँगा ख्वाब और हम दोनों कहेंगे 

चलो एक ख्वाब बनाए 


शामों में तन्हाई मिटा थोड़ा शोर कर आए 

रात का अंधेरा मिटा मन के जुगनू जगा 

चलो एक ख्वाब बनाए


बेजुबान पेड़ों ,परिंदों , प्राणियों को 

चलो एक दोस्त बनाए 


सबको साथ जोड़कर कह देंगे 

चलो एक ख्वाब बनाए 


हाँ चलो एक ख्वाब बनाए 

फिर कुछ ख्वाब ही ना रह जाए 

इसीलिए चलो एक ख्वाब बनाए...



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