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Ajit Kumar Raut

Abstract Inspirational

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Ajit Kumar Raut

Abstract Inspirational

चल पड़े हैं हम

चल पड़े हैं हम

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नया भारत है नयी है उमंग

  नया साल आगमन,

नयी उत्साह है कर गुजरने की

  संदेश है जन जन।


आत्मनिर्भर की मंत्र युवाओं में

  आत्मविश्वास अनेक,

शक्तिशाली देश बनाना है उन्हें

  समर्पित युवा उनके।


पीछे नहीं अब युवतियों आगे 

  वीरोगंना की है भूमि, 

सीता सती और लक्ष्मीबाई जैसे

  सती सावित्री की भूमि।


शक्तिशाली सेना अति ही तत्पर

 भयभीत शत्रु देश,

सब गुणों में हैं विभूषित हैं वे

 प्रधान हैं इस देश।


दिवारात्रि कार्य जनकल्याण में

  छुट्टी ना एक भी दिन,

विश्व गुरु हमें भारत बनना

  संकल्प है हर दिन।


नयी साल यह संकल्प अनेक

  पूरा करना है हमें,

स्वदेशी वस्तु स्वदेशी ज्ञान को

  अपनाना ही है हमें।


डरना नहीं है अदृश्य है भी

  ऑमिक्रॉन भी आया है,

डॉक्टर के ही बातों को मानना

  यही समय कही है।


मास्क पहनना आवश्यक है

  दूरी रखना कर्तव्य,

साबुन से धोना हाथ है जरूरी

 जीवन में हैं कर्तव्य।


संदेश दे रही नया साल हमें

 मिल जुल रहना है,

एकता बल ही सफलता देगी

 नित्य कर्म करना है।


होगी शक्तिशाली देश संस्कृति

 आस्था होगी शक्तिशाली,

कृष्ण राम नाम गुंजेगा देश में

  भक्ति होगी शक्तिशाली।


जगन्नाथ नाम गुंजेगा विश्व में

  होगे अनुयायी सब,

भारत के बात सुनेंगे विश्व में

  सर्वे हीं सुखिनः भव।


बन्धु कुटुम्ब हैं विश्व के हमारे

 विश्व हितों कार्य करें,

विश्व समुदाय हमारे अपने

 कर्तव्य को आगे करें।


जनता बनना शक्तिशाली हमें

 निस्वार्थ भाव रखें,

डिजिटल मंत्र सर्वोपरि करें

 जीवन आधार रखें।


मातृभाषा शिक्षा ज्ञान आधार है

 जीवन में कभी ना छोड़ें,

मातृभाषा दी है जननी हमें

  आदर कभी ना छोड़ें।



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